जन्‍माष्‍टमी के दिन कृष्‍ण को लगाएं इस एक चीज का भोग, नहीं पड़ेगी 56 भोग बनाने की जरूरत

जन्‍माष्‍टमी (Janmashtami) के मौके पर कृष्‍ण को 56 भोग लगाया जाएं तो भगवान प्रसन्‍न होते हैं. लेकिन आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में एक साथ 56 तरह के व्‍यंजन बना पाना मुमकिन नहीं हो पाता.
कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी (Krishna Janmashtami) के दिन भगवान श्रीकृष्‍ण (Shri Krishna) को कई तरह के पकवानों को भोग लगाया जाता है. कहते हैं कि अगर जन्‍माष्‍टमी (Janmashtami) के मौके पर कृष्‍ण को 56 भोग लगाया जाएं तो भगवान प्रसन्‍न होते हैं. लेकिन आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में एक साथ 56 तरह के व्‍यंजन बना पाना मुमकिन नहीं हो पाता. ऐसे में अब सवाल उठता है कि जन्‍माष्‍टमी के दिन श्रीकृष्‍ण को भोग (Janmashtami Bhog) में क्‍या लगाए जाए जिससे कि वह प्रसन्‍न भी हो जाएं और आपको 56 भोग (Chhapan Bhog) न बना पाने का मलाल भी न हो. मान्‍यता है कि अगर जन्‍माष्‍टमी के दिन श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्‍ण को माखन मिश्री (Makhan Mishri) का भोग चढ़ाया जाए तो वह भक्‍त की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं.
श्रीकृष्‍ण को क्‍यों लगाया जाता है माखन मिश्री का भोग 
पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार नटखट बाल-गोपाल को माखन यानी कि मक्‍खन बहुत पसंद था. माखन उन्‍हें इतना पसंद था कि वो अपने साथी ग्‍वालों के साथ मिलकर मक्‍खन चुराया करते थे. इसी वजह से उन्‍हें ‘माखन चोर’ भी कहा जाता है. कहते हैं कि स्‍वयं मैया यशोदा अपने हाथों से माखन मिश्री बनाकर कृष्‍ण को खिलाती थीं.
ऐसे तैयार करें माखन मिश्री का भोग (Makhan Mishri Recipe)
स्‍टेप 1: सबसे पहले ढूध को अच्छी तरह उबाल कर हल्‍का गुनगुना कर लें.
स्‍टेप 2: अब दूध में एक चम्मच दही को अच्छी तरह घोल कर मिला लें.
स्‍टेप 3: अब ढूध को किसी गर्म जगह रख कर ऊपर से प्लेट से ढक कर 6 घंटे तक जमने रख दें.
स्‍टेप 4: जब दही जम जाए तो उसको दो घंटे के लिए फ्रिज में रख दें.
स्‍टेप 5: अब दही एक मिक्सर जार में डाल कर एक गिलास ठंडे पानी या बर्फ के टुकड़े डालकर फेंटे. उसमें से मट्ठा और माखन अलग-अलग हो जाएगा.
स्‍टेप 6: अब मक्‍खन को एक गिलास पानी डालकर धो लें.
स्‍टेप 7: अब मक्‍खन में तुलसी के पत्ते और मिश्री डाल लें.
स्‍टेप 8: माखन-मिश्री का भोग तैयार है.
स्‍टेप 9: अब भगवान को माखन मिश्री का भोग लगाएं.

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